Date--14/08/2021
कक्षा --6
विषय ---संस्कृत
पाठ ---दशम:
स: पठनाय गच्छति।
_____________
इस पाठ में हम कारक के चतुर्थी विभक्ति का वाक्यों में प्रयोग करना सीखेंगे।
कुछ संस्कृत वाक्यों का अनुवाद:-
(१)रमेश पुस्तक के लिए पुस्तकालय जाता है।
यहां पढ़ने के लिए  विद्यार्थी आते हैं।
यहां पुस्तक के लिए विद्यार्थी आते हैं।
रमेश भी पढ़ने के लिए पुस्तक लाता है।
(२)वह याचकों के लिए वस्त्र देता है।
दान पुण्य के लिए होता है।
वह पुण्य के लिए परोपकार करता है।
______________
                अभ्यास
2.कोष्ठकस्थेन उचितपदेन रिक्त स्थानानि पूरयत।
(क) रमेश: पाठनाय गच्छति।
(ख) पुस्तकं ज्ञानाय भवति।
(ग)दुग्धं स्वास्थ्याय भवति।
(घ)जनक: भ्रमणाय गच्छति।
(ड़) गणेशाय नमः।
______________
3.शुद्ध वाक्यं लिखत।
(क) उद्यानं पर्यावरणाय भवति।
(ख) जनक: भ्रमणाय गच्छति।
(ग) पुस्तकं पठनाय भवति।
(घ) विद्यालयं ज्ञानाय भवति।
(ड़) पुस्तकं बालकाय नयति।
____________
5.उचितं पदम् उचिते स्तम्भे लिखत।
    तृतीया                   चतुर्थी
    पठनेन                     पठनाय
   बालकेन                  बालकाय
   ज्ञानेन                        ज्ञानाय 
   भ्रमणेन                    भ्रमणाय
निर्धनेन                      निर्धनाय

Date--5/08/2021
कक्षा --6
विषय ---संस्कृत
पाठ --- नवम:
स: हलेन कर्षति।

_________
इस पाठ का अर्थ है वह हल से जुताई करता है। इस पाठ के वाक्यों में करण कारक तृतीय विभक्ति प्रयोग किया गया है।
_____________
2.कोष्ठकस्थधातूनाम् उचित रूपेण रिक्त स्थानानि पूरयत।
(क)स: सहचरै सह क्रीडति।
(ख) पितामह: दण्डेन चलति।
(ग) फलै शरीरं पुष्टं भवति।
(घ) स: हेलेन कर्षति।
(ड़) विवेक: जनकेन सह आपणं गच्छति ।
______________
3. शुद्धं वाक्यं लिखत।
(क) विमर्श: मित्रेण सह क्रीडति ।
(ख)फलै शरीरं पुष्टं भवति।।
(ग)स: पुष्पै पूजनं करोति।
(घ) पितामह दण्डेन चलति।
(ड़)स:जनकेन सह आपणं गच्छति ।
____________
4.उचितं पदम् उचिते स्तम्भे लिखत।
  द्वितीया                    तृतीया
(क)बालकम्                पुस्तकेन
(ख)छात्रौ               कंदुकाभ्याम्
(ग)जनान्                  बालकै 
(घ)पत्रम्               हलेन
_________
गृह कार्य----
पाठ के शब्दार्थ को लिखेंगे।
दिए गए सभी प्रश्न और उत्तर को अपनी कॉपी में साफ-साफ लिखेंगे और याद करेंगे।

Date--31/07/2021
कक्षा --6
विषय ---संस्कृत
पाठ ---अष्टम:
अहं जनकं नमामि।
_________
2.कोष्ठकस्थधातूनाम् उचित रूपेण रिक्त स्थानानि पूरयत।
(क)स: अग्रजान नमति।
(ख) अहं पत्रं लिखामि।
(ग)त्वं भोजनं पचसि।
(घ)अध्यापक:संस्कृतं पाठयति।
(ड़) जनक: भ्रमणं करोति।
3. शुद्धं वाक्यं लिखत।
(क)त्वं फलं खादसि ।
(ख)स: भ्रमणं करोति।
(ग) अहं जनकं नमामि।
(घ) अहं भोजनं पचामि।
(ड़) रमेश:पत्रं लिखति।
5.उचितं पदम् उचिते स्तम्भे लिखत।
      प्रथमा                 द्वितीया
(क)राजेश:                निशाम्
(ख)रमा                     छात्राम्
(ग)बालिका                बालिकाम् 
(घ)जनक:                  कन्याम्
(ड़) छात्र:     ‌              गड्गाम्
_________
गृह कार्य----
पाठ के शब्दार्थ को लिखेंगे।
दिए गए सभी प्रश्न और उत्तर को अपनी कॉपी में साफ-साफ लिखेंगे और याद करेंगे।
_________

कक्षा --6
विषय ---संस्कृत
पाठ ---सप्तम
एतत्/एते/एतानि।
_________
व्याख्या:--इस पाठ में हम लोग नपुंसक लिंग का प्रयोग करेंगे जो अकारांत होते हैं। सर्वनाम पद हैं किम्  और  क्रिया पद लट् लकार प्रथम पुरुष, एकवचन ,द्विवचन, और बहुवचन हैं।
एतत् का अर्थ है यह होता है,जो एकवचन वाक्यों में प्रयोग किया जाता है। वही एते का अर्थ ये होता है जो द्विवचन वाक्यों में प्रयोग किया जाता है और एतानि का अर्थ ये सब होता है।
2.कोष्ठकस्थधातूनाम् उचित रूपेण रिक्त स्थानानि पूरयत।
(क)एतत्।
(ख) पुस्तकानि ।
(ग)पतत:।
(घ)एतानि।
(ड़) संगणकयन्त्रे।
3. शुद्धं वाक्यं लिखत।
(क) अशुद्धं ।
(ख) शुद्धम्।
(ग)अशुद्धं।
(घ)शुद्धम्।
(ड़)शुद्धम्।
4.उचितं पदम् उचिते स्तम्भे लिखत।
(क) एकवचनम्     
फलम्, दूरभाषयंत्रम्, उद्यानम्, पत्रम्, पुस्तकम्।
(ख)द्विवचनम्
पुस्तके, पत्रे, संगणकयन्त्रे, द्वारे, मित्रे।
(ग)बहुवचनम्
पुस्तकानि, कंदलीफलानि, चित्राणि, व्यंनानि, पत्राणि।
5.बहुवचने लिखत।
(क) एतानि व्यजनानि।
(ख)एतानि पुस्तकानि।
(ग)एतानि दूरभाषयंत्राणि।
(घ)एतानि संगणकयन्त्राणि।
(ड़) एतानि उद्यानानि।
_________
गृह कार्य----
पाठ के शब्दार्थ को लिखेंगे।
दिए गए सभी प्रश्न और उत्तर को अपनी कॉपी में साफ-साफ लिखेंगे और याद करेंगे।
_________

Date--25/6/2021
कक्षा --6
विषय ---संस्कृत
पाठ ---पंचम 
एते, तौ/ते, युवाम/आवाम्
____________
1. कोष्ठकस्थधातूनाम् उचित रूपेण रिक्त स्थानानि पूरयत। (क) बालकौ पाठत :।
(ख) बालिके लिखत:।
(ग)आवाम् गच्छाव:।
(घ) युवाम् खेलथ:।
(ड.) एतौ पिबत:।
___________
(2). शुद्धम् अशुद्धम् वा लिखत।
(क) आवाम् खेलत:।     अशुद्धम्
(ख) बालिके  नृत्यथ:।    अशुद्धम्
(ग) आवाम् गच्छाव:।     शुद्धम्
(घ) युवाम् लिखवा:।      अशुद्धम्
(ड.) युवाम् नृत्यथ:।       शुद्धम्
____________
4.उचित पदम् उचिते स्तभ लिखत।
तौ/ते          आवाम्        युवाम्    
पठत:        गच्छाव:       लिखथ:
लिखत:       नृत्याव:       पठथ:
क्रीडत:       पठाव:         नृत्यथ:
नृत्यत:        लिखाव:      क्रीड़थ:
गायत:        क्रीडाव:       गायथ:
_____________
5. द्विव चने लि खत।
(क)छात्रऔ लिखत:।
(ख)युवाम गच्छथ:।
(ग)आवाम पश्वाव:।
(घ) तौ क्रीडत:।
(ड)ते पिबत:।
_________
गृह कार्य----
शब्दार्थ के साथ साथ सारे प्रश्न उत्तर को लिखेंगे और याद करेंगे।
_______________

दिनांक--12-5-2021
कक्षा---6
पाठ:---चतुर्थ:
वयम्/यूयम्
_________
व्याख्या--संस्कृत में 'यूयम्' का अर्थ तुम सब और 'वयम् 'का अर्थ हम सब होता है। ये दोनों ही सर्वनाम पद हैं । इस पाठ के अंतर्गत संस्कृत में वाक्य बनाते समय हम मध्यम पुरुष, और उत्तमपुरुष बहुवचन क्रियापद का प्रयोग करेंगें हैं। 
_________
                  अभ्यास
1.कोस्ठकस्थधातूनाम् उचित रूपेण रिक्तस्थानानि पूरयत।
(क) वयं न लिखाम:।
(ख) यूयं न पठथ:।
(ग) वयं गृहं गच्छाम:।
(घ) वयं खेलाम:।
(ड़) यूयं जलं पिबथ।
_________
2.---शुद्धम् वाक्यं लिखत।
(क) यूयं न नृत्यथ।
(ख) वयं न नृत्याम:।
(ग) वयं गायाम:।
(घ) वयं भोजनं कुर्म:।
(ड़) यूयं पुन: मिलथ।
_________
4.--उचितं पदम् उचिते स्तम्भे लिखत।
        वयम्                 यूयम्
(क)नृत्याम:               नृत्यथ 
(ख)गायाम:               कुरुथ
(ग)कुर्म:                   गायथ
(घ)प्रणमाम:             आगच्छथ
(ड़)मिलाम:               मिलथ
_________
5.बहुवचने लिखत।
(क)त्वं पठथ।
(ख) यूयं पश्याम:।
(ग) यूयं लिखथ।
(घ) वयं वदथ:।
_________
गृह कार्य:--
1 शब्दार्थ लिखें और याद करें।
2 लिखवाए गए सभी प्रश्न उत्तर को याद करें।

Date:--5-05-2021
कक्षा--- षष्ठ(6)
विषय---- संस्कृत- व्याकरण
पाठ--- मात्रा- ज्ञानम्   _________
_____
1.प्रश्न:-- स्वर वर्ण कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:--- स्वर वर्ण तीन प्रकार के होते हैं। हस्व स्वर, दीर्घ स्वर, संयुक्त स्वर।
(क)हस्व स्वर:-- जिन स्वरों के उच्चारण में थोड़ा समय लगता है उसे हस्व स्वर कहते हैं।जैसे:--अ, उ, ऋ ।
(ख) दीर्घ स्वर :-- जिन स्वरों के उच्चारण में अधिक समय लगता है उसे दीर्घ  स्वर कहते हैं।जैसे:- आ,ई, ऊ।
(ग) संयुक्त स्वर :-- दो भिन्न भिन्न स्वरों के संयोग से बनने वाले स्वर को संयुक्त स्वर कहते हैं। इनके उच्चारण में दीर्घ स्वर की तरह समय लगता है जैसे ए, ऐ,ओ और औे।
_________ नोट:- संस्कृत में स्वर वर्ण को 'अच' कहतें हैं।
_________
2. प्रश्न:-- व्यंजन वर्ण किसे कहते हैं?
उत्तर:--जो वर्ण स्वर की सहायता के बिना नहीं बोले जा सकते उन्हें व्यंजन वर्ण कहते हैं। व्यंजनों का वास्तविक स्वरूप इस प्रकार से है -- क्,ख्, ग् इत्यादि।
_________
नोट-- संस्कृत में व्यंजन वर्ण को ('हल्' कहा जाता है।)लिखकर नीचे हलंत लगाया जाता है।
_________
3. प्रश्न:-- व्यंजन वर्ण कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:-- व्यंजन वर्ण तीन प्रकार के होते हैं। स्पर्श व्यंजन अंत:स्थ व्यंजन और ऊष्म व्यंजन।
(क) स्पर्श व्यंजन :-- इन वर्णों को उच्चारण करते समय हमारी जीभ का स्पर्श तालु या दांत के साथ होता है इसलिए इन्हें स्पर्श व्यंजन कहा जाता है। इनकी संख्या 25 होती है। क् से म् तक।
(ख)अंत:स्थ व्यंजन :--ये व्यंजन संख्या में चार होते हैं जैसे -- य्,र् , ल्, व।
(ग) ऊष्म व्यंजन:-- इन वर्णों के उच्चारण से उष्मा निकलती है इसलिए इससे उसमें व्यंजन कैसे हैं यह संख्या में चार होते हैं जैसे:-- श,ष् ,स्,ह् ।
संस्कृत वर्णमाला में 13 स्वर, 33 व्यंजन और 4 आयोगवाह ऐसे कुल मिलाकर के 50 वर्ण हैं । (संस्कृत भाषा में अनुस्वार और विसर्ग भी होते हैं जिससे 'अयोगवाह' कहते हैं ।) ये स्वरों के बाद लगाए जाते हैं ,इनका उच्चारण स्वतंत्र नहीं होता है।         _________
गृह कार्य:--
सभी प्रश्नों के उत्तर को साफ-साफ अपने कॉपी में लिखेंगे और याद करेंगे।

दिनांक--24-4-2021
कक्षा---6
पाठ:-तृतीय:
अहम्/त्वम्
_________
व्याख्या--संस्कृत में 'अहम्' का अर्थ मैं और 'त्वम् 'का अर्थ तुम होता है। 'मैं और तुम' दोनों ही सर्वनाम पद हैं । इस पाठ के अंतर्गत संस्कृत में वाक्य बनाते समय हम लट् लकार के मध्यम पुरुष,एकवचन क्रियापद का प्रयोग करेंगें हैं। जैसे:--
(क)अहम् पठामि।
        मैं पढ़ता हूं।
(ख) कि त्वम् न पठसि?
    क्या तुम नहीं पढ़ते हो?
(ग)नहि, अहम् न पठामि।
     नहीं, मैं नहीं पढ़ता हूं।
(घ) अहम् लिखामि।
       मैं लिखता हूं।
_________
                  अभ्यास
1.कोस्ठकस्थधातूनाम् उचित रूपेण रिक्तस्थानानि पूरयत।
(क) त्वम् पुस्तकं पठसि।
(ख) अहम पत्र लिखामि।
(ग) त्वम् दुग्ध पिबसि।
(घ) अहम् क्रिकेट खिलामि।
(ड) त्वम्  फलम् खादसि।
_________
2.---शुद्धम् पदम लिखत।
   अहम्               त्वम्
गच्छामि।             खेलसि।
पठामि।               लिखसि।
पश्यामि।               वदसि।
हसामि।                पचसि।
पिबामि।                हससि।
_________
5.--पाठ पठित्वा उत्तर लिखत।
(क)उत्तर---अहम् विद्यालय गच्छामि।
(ख)उत्तर--अहम् पठामि।
(ग)उत्तर--अहम् पत्र लिखामि।
(घ)उत्तर---अहम् संस्कृतम् पठामि।
(ड) उत्तर-- आम्,अहम खादामि पिबामि च।
_________
गृह कार्य
1 शब्दार्थ लिखें और याद करें।
2 लिखवाए गए सभी प्रश्न उत्तर को याद करें।

Date----17-4-2021
कक्षा--- षष्ठ(6)
विषय---- संस्कृत(1)
पाठ--- संस्कृत- वर्णमाला(2)     ________
1. प्रश्न:---स्वर वर्ण किसे कहते हैं?
उत्तर--- जो वर्ण  बिना किसी दूसरे वर्ण की सहायता से बोले जाते हैं उन्हें स्वर वर्ण कहते हैं। 
_________
2. प्रश्न:-- स्वर वर्ण कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:--- स्वर वर्ण प्रकार के होते हैं। हस्व स्वर, दीर्घ स्वर, संयुक्त स्वर।
(क)हस्व स्वर:-- जिन स्वरों के उच्चारण में थोड़ा समय लगता है उसे हस्व स्वर कहते हैं।जैसे:--अ, उ, ऋ ।
(ख) दीर्घ स्वर :-- जिन स्वरों के उच्चारण में अधिक समय लगता है उसे दीर्घ  स्वर कहते हैं।जैसे:- आ,ई, ऊ।
(ग) संयुक्त स्वर :-- दो भिन्न भिन्न स्वरों के संयोग से बनने वाले स्वर को संयुक्त स्वर कहते हैं। इनके उच्चारण में दीर्घ स्वर की तरह समय लगता है जैसे ए, ऐ,ओ और औे।
_________
3. प्रश्न:-- व्यंजन वर्ण किसे कहते हैं?
उत्तर:--जो वर्ण स्वर की सहायता के बिना नहीं बोले जा सकते उन्हें व्यंजन वर्ण कहते हैं। व्यंजनों का वास्तविक स्वरूप इस प्रकार से है -- क्,ख्, ग् इत्यादि।
_________
नोट-- संस्कृत में व्यंजन वर्ण को लिखकर नीचे हलंत लगाया जाता है।
_________
4. प्रश्न:-- व्यंजन वर्ण कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:-- व्यंजन वर्ण तीन प्रकार के होते हैं। स्पर्श व्यंजन अंत:स्थ व्यंजन और ऊष्म व्यंजन।
(क) स्पर्श व्यंजन :-- इन वर्णों को उच्चारण करते समय हमारी जीभ का स्पर्श तालु या दांत के साथ होता है इसलिए इन्हें स्पर्श व्यंजन कहा जाता है। इनकी संख्या 25 होती है। क् से म् तक।
_________
(ख)अंत:स्थ व्यंजन :--ये व्यंजन संख्या में चार होते हैं जैसे -- य्,र् , ल्, व।
________
(ग) ऊष्म व्यंजन:-- इन वर्णों के उच्चारण से उष्मा निकलती है इसलिए इससे उसमें व्यंजन कैसे हैं यह संख्या में चार होते हैं जैसे:-- श,ष् ,स्,ह् ।
________
इस प्रकार तेरह स्वरऔर 35 व्यंजन है ।इनके अतिरिक्त संस्कृत भाषा में अनुस्वार और विसर्ग भी होते हैं जिससे अयोगवाह कहते हैं । ये स्वरों के बाद लगाए जाते हैं ,इनका उच्चारण स्वतंत्र नहीं होता है।       _________
गृह कार्य:--
सभी प्रश्नों के उत्तर को साफ-साफ अपने कॉपी में लिखेंगे और याद करेंगे।

Date--7-04-2021
कक्षा ---6 
पेज संख्या --14
पाठ--द्वितीय: 
ते/एते , ता: / एता:
_________
इस पाठ में हम (अकारान्त और आकारान्त ) के साथ अर्थात् सर्वनाम के साथ क्र्यिा के प्रथमा बहुवचन को समझेगे।जैसे:- धातु का रुप लिख् है तो उसमें 'अन्ति' जोङकर लिखन्ति शब्द बनायेगें और क्रिया के इस रुप को सर्वनाम के साथ जोड़ कर 
वाक्य बनाते है।
जैसे ---लिख्+अन्ति=लिखन्ति।
           पठ्+अन्ति = पठन्ति।
कुछ वाक्यो के अर्थ को समझेगे।
1. एते के?   ---ये कौन है? 
2.एते छात्रा:।  ये छात्र है।
3.छात्रा: किं कुर्वन्ति ?---- छात्र क्या करते है?
4.ते पठन्ति। वे पढ़ते है।
(ख)1.- एता: का: ?  ये कौन है?
  2.एता: अध्यापिका। ये शिक्षिका हैं।
  3.अध्यापिका  कि कुर्वन्ति ?---शिक्षिका क्या करती है?
4.ता पाठयन्ति । वे पढाती है।
1.उचित पदेन रिक्तस्थानानि पूरयत ।
      ते/ता 
(क) छात्रा: किं कुर्वन्ति ?
   ते पठन्ति ।
(ख) --बालका: किं कुर्वन्ति ?
उतर --ते खेलन्ति ।
(ग)---अजा: किं कुर्वन्ति ?
उतर --ता खादन्ति ।
(घ)--बालिका किं कुर्वन्ति।
  उतर-- ता नृत्यन्ति ।
(ङ)---अश्वा: किं कुर्वन्ति ?
उतर ---ते धावन्ति ।
2 --शु्द्द वाक्य लिखत।
     अशुद्द --                    शुद्द
(क) एते बालिका:।            एता: बालिका।
(ख) एता: के ?               एते: के?
(ग) ते शिक्षिका:।              ता शिक्षिका:।
(घ) एते का: ?               एता: का: ?
(ङ) एता: शिक्षका: ।           एते: शिक्षका: ।
3   उदाहरण के अनुसार उतर लिखे ।
(क) बालिका: किं कुर्वन्ति ? 
उतर ---बालिका: लिखन्ति ।
(ख) --बालका:  किं कुर्वन्ति ?
  उतर--  बालका:   क्रीडन्ति ।
(ग)---विवेका:  विमर्श , विवर्त: च किं कुर्वन्ति ?
उतर ---च नमन्ति ।
(घ) --राधा , सुधा ,चेतना, च किं कुर्वन्ति ?
उतर --च पिवन्ति।
(ङ)---कु्क्कुरा: किं कुर्वन्ति ?
उतर -- कु्क्कुरा: खादन्ति ।
5 उचित पदम उतिते स्तंभे लिखत।
  पुलिंग                         स्त्रिलिंग
(क) बालक:                         ता:
(ख) विमर्श:                         बालिका:
(ग) प्रकर्ष:                           राधा 
(घ) कृषका:                          सुधा 
  (ङ)-विवर्त:                           एता   
_________ 
  गृह कार्य:-- 
1 शब्दार्थ लिखे और याद करे।
2 लिखवाये गये प्रश्नोतर याद करे।

दिनांक---24-3-2021
कक्षा ---6 
पाठ --प्रथम: 
           स:/एष,  सा / एषा
इस पाठ में हम (अकारान्त और आकारान्त ) के साथ सर्वनाम और क्रिया के प्रथम रूप, एकवचन को समझेगें।
 
1 उचित पदेन रिक्तस्थानानि पूरयत ।
      स:,/सा 
(क) एषा का ?
      सा माता ।
(ख) छात्रा किं करोति ?
उत्तर --सा नमति ।
(ग)---अध्यापिका वदति ?
उत्तर --सा वदति ।
(घ)--अनुज: किं करोति?
  उत्तर--स: खेलति  ।
(ङ)---विवेक: किं करोति ?
उतर ---स: पठति ।
2 --शु्द्द वाक्य लिखत।
     अशुद्ध / शुद्ध
(क) एष: बालिका:।                       
        एषा: बालिका।
(ख) एषा: अध्यापक:। 
         एष: अध्यापक:।
(ग) सा जनक:।     
       सा जनक:।
(घ) स: अम्बा ।
      सा अम्बा।
(ङ) एषा: बालक:।
       एष: बालक:।
4.उचितं पदम् उचिते स्तम्भे लिखत।
पुल्लिंगम्                स्त्रिलिंगम्
   स:                          सा
   एष:                        एषा:
  जनक:                    छात्रा
अनुज:                   अन्वीक्षा
  विवेक:                    अम्बा
   छात्र:                  अध्यापिका
5. उदाहरणानुसारम् उत्तरं लिखत।
                       
(क)जनक:  किं करोति?                       
       जनक: वदति।
(ख) अनुज: किं करोति?                        
       अनुज: लिखति।
(ग) छात्रा  किं करोति?                      
       छात्रा खेलति।
(घ)अम्बा किं करोति?                          
       अम्बा पचति।
  (ङ)अनुजा किं करोति?                           
        अनुजा हसति  
_________
  गृह कार्य 
1 शब्दार्थ लिखें और याद करें।
2 लिखवाये गये प्रश्नोतर याद करें।